जब यह 6 संकेत मिले तो समझ जाइये कि बिजनेस लोन के लिए आवेदन करना है

जैसे ही कोई आवश्यकता आती है या वर्किंग कैपिटल चाहिए होता है, तो बिजनेस में कुछ संकेत होता है। यही वह समय होता है, जब कारोबारी को बिजनेस लोन के लिए आवदेन कर देना चाहिए। इससे देर करने पर नुकसान होने का डर बना रहता है। आइये आपको जानकारी देते हैं कि कब बिजनेस लोन के लिए आवेदन कर देना चाहिए। 

 

बिजनेस को कोई नया आइडिया आने पर 

 

जिनका पहले से ही कारोबार जमा है। उनके लिए एक बात बहुत अच्छी होती है कि वह कुछ नये बिजनेस आइडिया पर भी विचार कर सकते हैं। अक्सर ऐसा होता भी है। अगर किसी का जनरल स्टोर का बिजनेस है तो, वह चाहें तो अपने बिजनेस को ऑनलाइन स्टोर में भी बदल सकते हैं। या दोनो साथ  साथ कर सकते हैं। जनरल स्टोर की सामान की लिस्ट और रेट लिस्ट वेबसाइट पर अपडेट करके बिजनेस शुरु कर सकते हैं। 

 

चूंकि, ऑनलाइन बिजनेस एक अलग बिजनेस आइडिया है। तो इसके सेटअपर के लिए अलग से पैसा भी चाहिए होगा। यहां पर बिजनेस लोन आपकी सहायता करेगा। इस तरह से आपको पता चल जाता है कि अब आपको बिजनेस लोन के लिए आवेदन करना जरुरी है। आपको अपने प्रोडक्ट या आइडिया को लक्षित ग्राहक तक पहुंच बनाने के लिए बिजनेस लोन चाहिए होगा। 

 

प्रोडक्ट मार्केटिंग करने के लिए 

 

बिजनेस में हर कुछ समय बाद नया प्रोडक्ट लांच होता रहता है। प्रोडक्ट लांच होने के साथ ही प्रोडक्ट मार्केटिंग भी शुरु हो जाती है। अगर प्रोडक्ट की मार्केटिंग नहीं होगा तो प्रोडक्ट बिक सकता है। इसके लिए धन की आवश्यकता होती है। जब आपके पास प्रोडक्ट का प्रोटोटाइप हो या किसी प्रोग्राम या वेबसाइट हो, जिसका उच्च क्वालिटी उत्पादन के लिए धन चाहिए होता है। प्रोडक्ट मार्केटिंग के लिए बिजनेस लोन प्राप्त किया जा सकता है। 

 

बिजनेस प्लान का विस्तार करने के लिए 

 

कई बार ऐसा होता है कि बिजनेस प्लान बतना तो है लेकिन वह पूरी तरह से लागू नहीं किया जाता है। बिजनेस प्लान का कुछ ही हिस्सा लागू होता है। आपका व्यवसाय मॉडल आपके व्यवसाय की राजस्व इक्कठा करने को इंगित करता है और आपका बिजनेस प्लान यह बतात है कि आप उन राजस्व को कैसे प्राप्त करेंगे। यहां पर पूर्ण रुप से बिजनेस प्लान को लागू करने को लेकर बात हो रही है। आपको अपने व्यवसाय को संचालित करने और आय उत्पन्न करने के लिए किस तरह के उपकरण और अन्य जरुरी चीजों की आवश्यकता होगी। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए बिजनेस लोन सहायता प्रदान करता है।

 

कैश-फ्लो मेंटेन करने के लिए 

 

किसी भी बिजनेस का कैश-फ्लो मेंटेन रहना अति-आवश्यक होता है। इसके लिए बिजनेस में धन होना चाहिए। अगर कैश-फ्लो टूट जाता है तो इसका सीधा प्रभाव बिजनेस पर पड़ता है। इसलिए बिजनेस लोन लेकर कैश-फ्लो मेंटेन किया जा सकता है। 

 

वर्किंग कैपिटल मैनेज करने के लिए 

 

बिजनेस का संचालन करने के लिए जिस धन की आवश्यकता होता है, उसे वर्किंग कैपिटल कहते हैं। भारत में हर दिन सैकड़ों स्टार्ट-अप सिर्फ इसलिए बंद हो जाते हैं, क्योंकि उनको चलाने के लिए वर्किंग कैपिटल नहीं होता है। इसलिए वर्किंग कैपिटल का होना बिजनेस के लिए अति-महत्वपूर्ण होता है। यहां पर भी बिजनेस लोन की सहायता प्राप्त किया जा सकता है। 

 

नये कर्मचारी काम पर रखने के लिए 

 

मुनाफ बढ़ाने के लिए कर्मचारी और मशीनरी बढ़ाना होता है। कर्मचारी बढ़ाने का मतलब होता है कि सैलरी का इंतजाम करना। जिसके लिए इक्कठा धन चाहिए। यहां बिजनेस लोन की सहायता से नये कर्मचारियों को काम पर रखा जा सकता है। 

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